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इनकम टैक्स कैलकुलेटर

नई या पुरानी टैक्स व्यवस्था के अंतर्गत FY 2025-26 के लिए भारत का इनकम टैक्स कैलकुलेट करें।

⚠️ Not financial advice. Results are illustrative only and should not be used as the basis for any investment, tax, or financial decision. Consult a qualified financial adviser or chartered accountant before acting on any figure shown.

Gross income before any deductions

इनकम टैक्स कैलकुलेटर क्या है?

यह कैलकुलेटर आपकी कुल टैक्स देयता को FY 2025-26 के लिए नई या पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत कैलकुलेट करता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन, 80C, HRA, और सेक्शन 87A रिबेट सहित सभी स्लैब और कटौतियाँ शामिल हैं।

टैक्स कैसे कैलकुलेट करें

  1. अपनी कुल वार्षिक आय (सैलरी + अन्य) दर्ज करें।
  2. टैक्स व्यवस्था चुनें — नई या पुरानी।
  3. पुरानी व्यवस्था के लिए: 80C, HRA, होम लोन ब्याज जैसी कटौतियाँ डालें।
  4. तुरंत देखें: टैक्सेबल आय, स्लैब-वार टैक्स, सेस, और शुद्ध देय कर।

नई बनाम पुरानी टैक्स व्यवस्था

नई व्यवस्था कम स्लैब और ज्यादा बेसिक छूट देती है लेकिन अधिकांश कटौतियाँ नहीं। पुरानी व्यवस्था में 80C, HRA, होम लोन ब्याज जैसी कटौतियाँ हैं लेकिन स्लैब अधिक हैं। दोनों की तुलना करना ज़रूरी है — ज़्यादातर सैलरीड लोगों के लिए नई व्यवस्था बेहतर है, लेकिन ज़्यादा निवेश और होम लोन वालों के लिए पुरानी फायदेमंद हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था में क्या अंतर है?
पुरानी व्यवस्था में 80C, 80D, HRA जैसी कई कटौतियाँ मिलती हैं लेकिन स्लैब अधिक हैं। नई व्यवस्था (FY 2025-26) में स्लैब कम हैं और ₹3 लाख तक टैक्स फ्री है, लेकिन अधिकांश कटौतियाँ नहीं मिलतीं। ₹15 लाख से कम आय वालों के लिए नई व्यवस्था आमतौर पर बेहतर है।
नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब क्या हैं (FY 2025-26)?
₹0–₹3 लाख: 0%; ₹3–₹7 लाख: 5%; ₹7–₹10 लाख: 10%; ₹10–₹12 लाख: 15%; ₹12–₹15 लाख: 20%; ₹15 लाख से ऊपर: 30%। ₹7 लाख तक की कुल आय पर कोई टैक्स नहीं (Section 87A रिबेट)।
स्टैंडर्ड डिडक्शन क्या है?
सैलरीड कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने वाली स्वचालित कटौती है — ₹75,000 (नई व्यवस्था में, FY 2025-26 से) या ₹50,000 (पुरानी व्यवस्था में)। बिना कोई दस्तावेज़ जमा किए ही मिलती है।
80C के तहत कौन से निवेश आते हैं?
PPF, EPF, ELSS, NSC, टैक्स सेविंग FD, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन का मूलधन, NPS (अतिरिक्त ₹50,000 के लिए 80CCD)। कुल सीमा ₹1.5 लाख प्रति वर्ष। 80C केवल पुरानी व्यवस्था में मिलता है।
क्या मैं हर साल टैक्स व्यवस्था बदल सकता हूँ?
सैलरीड व्यक्ति हर साल ITR फाइल करते समय बदल सकते हैं। बिज़नेस आय वालों को बदलने पर ज़िंदगी भर एक बार ही वापस जाने की अनुमति है। हर साल दोनों की तुलना करना समझदारी है।

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