Stax

टेक-होम सैलरी कैलकुलेटर

PF और टैक्स ब्रेकडाउन के साथ CTC से मासिक इन-हैंड सैलरी कैलकुलेट करें।

30%40%50%60%

टेक-होम सैलरी कैलकुलेटर क्या है?

यह कैलकुलेटर आपके CTC से वास्तविक मासिक इन-हैंड सैलरी कैलकुलेट करता है — EPF, प्रोफेशनल टैक्स, इनकम टैक्स (नई या पुरानी व्यवस्था) सहित सभी कटौतियाँ शामिल। वार्षिक और मासिक दोनों ब्रेकडाउन देखें।

टेक-होम सैलरी कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें

  1. कुल वार्षिक CTC दर्ज करें।
  2. बेसिक का प्रतिशत डालें (आम तौर पर 40-50%)।
  3. HRA और स्पेशल अलाउंस डालें।
  4. टैक्स व्यवस्था चुनें (नई या पुरानी)।
  5. तुरंत मासिक टेक-होम और पूरा ब्रेकडाउन देखें।

मुख्य कटौतियाँ

  • एम्प्लॉयी EPF: बेसिक + DA का 12%
  • प्रोफेशनल टैक्स: ₹200/माह तक (राज्य पर निर्भर)
  • इनकम टैक्स: स्लैब के अनुसार
  • बीमा प्रीमियम (अगर कंपनी काटती है)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CTC और टेक-होम सैलरी में क्या अंतर है?
CTC (Cost To Company) कंपनी का कर्मचारी पर कुल खर्च है — बेसिक, HRA, बोनस, EPF का कंपनी हिस्सा, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस सब। टेक-होम वह राशि है जो वास्तव में बैंक अकाउंट में आती है — CTC से कम PF, टैक्स, प्रोफेशनल टैक्स आदि कटने के बाद।
CTC से इन-हैंड कैसे निकालें?
CTC में से कंपनी के योगदान (EPF, ग्रेच्युटी, बीमा) घटाएं → ग्रॉस सैलरी मिलती है। फिर इससे एम्प्लॉयी PF (12%), प्रोफेशनल टैक्स, इनकम टैक्स और कोई अन्य कटौती घटाएं → मासिक टेक-होम। आम तौर पर CTC का 70-85% टेक-होम होता है।
EPF कितना कटता है?
कर्मचारी का योगदान बेसिक + DA का 12% है, और कंपनी भी इतना ही जोड़ती है (8.33% पेंशन में, 3.67% PF में)। ₹15,000 बेसिक तक यह अनिवार्य है। ज़्यादा बेसिक होने पर VPF (Voluntary PF) से बढ़ा सकते हैं।
प्रोफेशनल टैक्स क्या है?
यह राज्य सरकार का टैक्स है, हर राज्य की दर अलग है। महाराष्ट्र में अधिकतम ₹200/महीने, कर्नाटक में ₹200, दिल्ली में 0 है। साल में अधिकतम ₹2,500। यह सीधे सैलरी से कटता है और 80C के तहत क्लेम नहीं किया जा सकता।
स्पेशल अलाउंस पर पूरा टैक्स लगता है?
हाँ, स्पेशल अलाउंस पूरी तरह टैक्सेबल है क्योंकि इसमें कोई विशिष्ट छूट नहीं है। बेसिक भी टैक्सेबल है लेकिन EPF और ग्रेच्युटी का आधार बनता है। टैक्स बचाने के लिए HRA, LTA, फ्लेक्सी पे जैसे कंपोनेंट उपयोगी हैं।

संबंधित टूल्स